बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है ?

बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है

बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है

हम सब बैंक की सेवाएं लेते है और बैंक के कई सारे नियम जानते है और फॉलो भी करते है ! लेकिन नियम फॉलो तो करते है लेकिन कुछ नियम के पीछे का कारण सायद हम नहीं जानते ! आज हम ऐसे ही एक नियम के बारे में बताने जा रहे है जिसे शायद आप नहीं जानते ! क्या आप जानते है की बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है ?

बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है ?

जब बैंक की और से किसी को कोई भुगतान किया जाता है तो किये गए भुगतान के साक्षे के तौर पर भुगतान करता द्वारा भुगतान प्राप्त करता से प्राप्ति प्राप्त की जाती है, ताकि भविष्य में विवाद की स्तिति में किये गए भुगतान को साबित भी किया जा शेक !

वैसे भी बैंक पैसो की लेनदेन करता है तो बहुत बारीकी से नियम फॉलो करने पड़ते है और फॉलो करवाने पड़ते है ! चेक की राशि प्राप्त कर लेने की प्राप्ति के रूप में चेक के पीछे, प्राप्त करता के हस्ताक्षर कराये जाते है ! राशि प्राप्त करने वाला चाहे तो चेक के पीछे हस्ताक्षर करने से मना भी कर शकता है!

Amazing facts about bank cheque

लेकिन उस स्तिति में उसे एक अलग कागज़ पर सम्पूर्ण विवरण के साथ बैंक को भुगतान की प्राप्ति देनी होगी और उसको नियमानुसार रसीदी टिकिट, रेवन्यू स्टेम्प टिकिट भी लगाना होगा ! स्पष्ट है की चेक के पीछे हस्ताक्षर करना प्राप्ति का सरल रूप होता है ! बैंक और राशि प्राप्त करनार दोनों के लिए सरल होता है, बस यही कारन है की बैंक चेक के पीछे हस्ताक्षर करवाया जाता है !

बैंक में चेक के पीछे हस्ताक्षर क्यों कराये जाते है ?

Disclaimer:- इस लेख में दी गई जानकारी न्यूज़ पेपर्स और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर दी गई है “Gkhindinews.com” इसके सच या जूथ होने का दवा नहीं करता, लेख में इस्तेमाल की गई फोटोज उदहारण के तौर पे दिखाई गई है !

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